लॉकडाउन में एक महीना

 हॉट सेमक्षी भाभी की मस्त चुवदावई की मैंने लॉकडाउन में पूरा एक महीना! वो मेरी पड़ोसन थी. मैं उसी के घर में रहा क्योंकि वो अकेली रहती थी.


दोस्तो, मेरा नाम रवीश कुमार हैं, मैं रांची झारखंड से हूं, मेरी उम्र 27 साल है।


मैं देखने में सामान्य हूं, लम्बाई 5’6″, बॉडी भी सही है।


मेरा लन्ड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है लेकिन चुवदावई करने का स्टेमिना बहुत है।


मुझे घूमना फिरना, खाना पीना, रण्डी चोदना पसंद है। मैं अपने व्यापार के सिलसिले में बाहर ही रहता हूं तो मैं रण्डी के साथ ही रात गुजारता हूं।


मेरी पिछली कहानी थी: दीदी की पड़ोसन गर्म भाभी की चुवदावई


अब एक और हॉट सेमक्षी भाभी की मस्त चुवदावई पढ़ें.


इस लॉकडॉउन में मेरा काम रुक गया और मेरा बाहर आना जाना बंद हो गया, मैं अपने घर पे था।


मैं घर पे बैठे बैठे बोर हो रहा था.


एक शाम मैं अपने छत पे बने गार्डन में चाय पी रहा था।


मेरे बगल वाली छत से भाभी ने आवाज़ लगाई.


भाभी की उम्र 32 के करीब होगी, भाभी देखने में हरी भरी थी, बड़े बड़े चूचे, लम्बाई 5’4″ होगी।


उन्होंने सलवार सूट पहन रखा था जिसमें उनके बड़े बड़े बूब्स दिख रहे थे, क्लीवेज भी दिख रहा था जिससे लमण्ड खड़ा हो जाए।


मैंने उसे पहली बार देखा था, मुझे उसके बारे में कुछ पता नहीं था।


वे मुझसे फूल और पौधों के बारे में बात करने लगीं।


उन्होंने बताया कि उन्हें भी छत पे गार्डन बनाना हैं लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाता है।


उन्होंने मुझसे गार्डन बनाने में मदद मांगी.


मैंने हां बोल दिया.


हम लोग काफी देर तक बात करते रहे.


मेरी चाय खत्म हो गई थी तो उन्होंने मुझे चाय के लिए पूछा, फिर अपने घर से 2 कप चाय बना कर ले आई।


हम दोनों ने बहुत देर बात की. उसने मेरे गार्डन को देखने की ईक्षा जाहिर की तो मैंने अगले दिन उन्हें शाम में चाय पे बुला लिया।


भाभी ने अपना मोबाइल नंबर दिया तो मैंने नंबर सेव करने के लिए उनका नाम पूछा.


तो पता चला कि उनका नाम सुमन है।


इसके बाद सुमन नीचे चली गई.


अभी तक मेरे मन में गलत खयाल नहीं आया था क्यूंकि मुझे सुमन के बारे में कुछ पता नहीं था.


मेरे दिमाग से सुमन उतर गई.


अगले दिन दोपहर में सुमन ने मुझे मेसेज किया और चाय की बात याद दिलाई तो मैंने सुमन को 5 बजे बुला लिया।


5 बजे मैंने सुमन को मेसेज कर के बुला लिया.


सुमन ने गुलाबी रंग की ड्रेस पहनी हुई थी जो उसपे अच्छी लग रही थी।


मैंने उसे अंदर बुलाया और अपने परिवार से मिलवाने के बाद छत पे ले गया।


मेरी फैमिली और सुमन ने बहुत देर बातचीत करते हुए चाय नाश्ता किया।


सुमन ने बताया कि उसके पति विदेश में रहते हैं, उसके दो बच्चे हैं, एक बेटा 9 साल का है, बेटी 7 साल की है जो नानी के साथ रहते हैं।


सुमन का हैल्थ केयर प्रोडक्ट और कंसल्टेंसी का कंपनी है जिसकी वो मालकिन हैं इसलिए वो विदेश नहीं गई हैं और अकेली यहां रहती हैं।


उस दिन सुमन ने खाना मेरे घर पर ही खाया, उसके बाद वो अपने घर चली गई।


मेरे दिमाग़ में अब सुमन की चुवदावई का प्लान बनने लगा था.


मैंने रात को 11 बजे सुमन को मेसेज किया।


वो ऑनलाइन थी, उसने तुरन्त मेसेज का रिप्लाई किया.


मैं इधर उधर की बात करने लगा, उसकी कंपनी और प्रोडक्ट्स के बारे में बात करने लगा.


सुमन ने मुझसे पूछा- गर्लफ्रेंड गुस्सा है क्या? जो मुझसे बात कर रहे हो?


मैंने उसे समझाया कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.


तो उसने भरोसा नहीं किया।


मैंने भी उससे पूछ लिया- इतनी रात में किससे बात कर रही हो?


सुमन बोली कि वो अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही है।


मैंने भी मजे लेते हुए बोल दिया- मैं तुम्हारा बॉयफ्रेंड नहीं हूं।


हम दोनों अब हंसने लगे तो सुमन ने बताया कि अकेले बोर हो रही है तो दोस्तों से और रिश्तेदारों से बात कर रही है।


मुझे चैट करने की आदत नहीं है तो मैंने कॉल कर दिया.


अब हम लोग फोन पे बात करने लगे।


सुमन ने बताया कि उसे ड्रिंक करना पसंद हैं.


तो हमने अगले दिन ड्रिंक और डिनर करने का प्लान बनाया।


मैंने शराब के साथ कवाब की व्यस्था करने को कहा, सुमन मान गई।


मैंने मजाक में बोल दिया- शराब, कवाब के बाद शवाब मिल जाए तो मजा आ जाए।


सुमन कुछ नहीं बोली.


मैं समझ गया कि ये कल चुद जाएगी।


हमने रात के 4 बजे तक बात की फिर सोने चले गए।


अब मुझ सुमन के घर छिप कर जाना था तो मैंने 8 बजे का प्लान बनाया.


सुमन को भी 8 बजे का टाइम बता दिया।


मैंने उससे पूछा कि मुझे कुछ लाना है क्या?


मैं कॉन्डम के लिए उसे घुमा कर पूछ रहा था.


लेकिन उसने कुछ भी लाने से मना कर दिया।


मैं पूरी रात चोदने के मूड में था तो मैंने सुमन से कहा कि उसके घर आने जाने में किसी ने देख लिया तो दिक्कत हो सकती है।


सुमन कुछ सोच में पड़ गई और प्लान को बाद में करने को बोलने लगी.


मुझे लगा मैंने अपना चूवतीिया खुद काट दिया।


तो मैंने सुमन को समझाया कि मास्क लगा कर 8 बजे घर आ जाऊंगा और सुबह 4 बजे निकल जाऊंगा.


सुमन तैयार हो गई।


मैंने अपना लन्ड के बाल साफ किये और रात के लिए तैयार होने लगा।


रात के 8 बजे मैंने सुमन को कॉल किया और दरवाज़ा खोलने को बोला.


उसने दरवाज़ा खोला और मैं अंदर आ गया।


मेरे अंदर आने के बाद उसने दरवाज़ा बंद कर लिया.


मैंने सुमन को देखा, उसने जींस और शर्ट पहनी हुई थी।


उसने थोड़ा मेकअप भी किया हुआ था, भोजपुरी फिल्म की हीरोइन लग रही थी।


मैंने सुमन की तारीफ की तो वो शरमाने लगी.


मेरा मन तो किया उसे खींच के गले से लगा लूं।


लेकिन मैंने धैर्य से काम लेने का सोचा और सुमन से घर दिखाने को बोला।


सुमन ने मुझे पूरा घर दिखाया.


उसके बाद उसने बेडरूम में ड्रिंक करने का व्यवस्था की हुई थी।


सुमन व्हिस्की की बोतल निकाल कर लाई, साथ में कवाब, ड्राइ फ्रूट्स, स्नैक्स।


उसकी व्यवस्था देख कर मन खुश हो गया।


मैंने पेग बनाना शुरू किया, ग्लास उठा कर चीयर्स किया हमने, सुमन धीरे धीरे पी रही थी।


पीते हुए हम लोग बात कर रहे थे तो सुमन ने मूझसे पूछा- स्पा, मसाज पार्लर बंद हैं तो तुम बॉडी मसाज कैसे ले रहे हो?


मैंने अनजान बनने की कोशिश की.


तो सुमन ने मुझसे कहा- मुझे सब पता है कि तुम स्पा में क्या क्या सर्विस लेते हो।


मैंने सच बता दिया और सुमन से पूछा कि उसे कैसे पता हैं मेरे बारे में?


सुमन ने बताया कि वो भी बॉडी मसाज लेती है तो एक लड़की जब उसके घर आई तो उसने मेरे बारे में बताया था।


मैं समझ गया सुमन ने सब चुवदावई के लिए किया है।


सुमन ने 2 पेग पीने के बाद अपना शर्ट का बटन खोल दिया जिसके अंदर उसने टॉप पहनी हुई थी।


मुझे उसके शर्ट के अंदर झाँकते हुए देख कर वो मुस्कुराने लगी।


4 पेग के बाद हम लोग खुल कर बात करने लगे.


मैंने सुमन से उसकी सेमक्ष लाइफ के बारे में पूछा तो उसने बताया कि 2-4 सेमक्ष पार्टनर हैं, जिनके साथ वो कभी कभी सेमक्ष कर लेती है।


यह सुनते ही मैंने सुमन को अपने तरफ़ खींच कर किस करना चाहा तो उसने रोक दिया और खाना लाने चली गई।


हम दोनों ने खाना खाया और मैं बेडरूम में सुमन का इंतजार करने लगा।


सुमन रूम में आई और मुझे बाहर जाने को बोली.


मैं बाहर गया.


उसने 5 मिनट के बाद मुझे अंदर आने के लिए आवाज़ लगाई।


मैं अंदर आया तो मेरे होश उड़ गए.


सुमन लाल रंग के वन पीस में बिस्तर पे लेटी हुई थी।


मैं सुमन के पास गया, बिना समय बर्बाद किए उसे किस करने लगा,


वो भी मेरा साथ देने लगी, मेरे होंठों को काटने लगी।


मैंने भी सुमन के जीभ और होंठ को हल्के दांतों से काटना शुरू किया.


सुमन एकदम माहिर खिलाड़ी जैसे किस कर रही थी।


किस करते हुए सुमन ने मेरे शर्ट को फ़ाड़ दिया, मैं किस करते हुए चूचे दबा रहा था।


करीब पंद्रह मिनट तक हमने एक दूसरे के होंठों को चूसा.


मैंने अपना जींस का बटन खोल कर सुमन को लमण्ड चूसने का इशारा किया।


उसने जींस को पूरा खोला, चड्डी को फ़ाड़ दिया और लमण्ड को मुंह में लेकर चूसने लगी, लमण्ड को हल्के दांतों से काटने लगीं.


इसमें मुझे बहुत मजा आ रहा था.


बीच बीच में वह मेरी दोनों गोटियो को मुंह में ले कर चूसती।


दस मिनट लमण्ड चूसने के बाद मेरा माल उसके मुंह में गिर गया, पूरा माल वो पी गई।


अब मैंने उसकी वन पीस को खोला, उसकी बॉडी को किस करने लगा.


वो ब्रा पैंटी में लेटी हुई थी।


मैंने उसे किस करना शुरू किया और नीचे की तरफ बढ़ने लगा, उसकी ब्रा को खोल कर उसके दोनों चूचियों को आज़ाद कर दिया।


एक चूची को मुंह में लेकर मैं चूसने लगा और दूसरी को मसलने लगा जैसे कि उसमें से दूध निकल आएगा।


बूब्स पीते हुए मैंने सुमन की पैंटी खोल दी थी और उसकी चुत में उंगली कर रहा था।


सुमन ने मुझे नीचे की तरफ़ धकेला और मेरे मुंह को अपने चुत के पास ले कर मेरे बाल सहलाने लगी।


मैंने उसकी चूवती को चाटना शुरू किया, मैं उसके चूवती के मुंह को अच्छी तरह से चूस रहा था, जीभ से उसकी चूवती को चोद रहा था.


सुमन को बहुत मजा आ रहा था वो मेरे मुंह को चूवती में ऐसा दबा रही थी जैसे मुंह को चूवती में घुसा लेगी।


10 मिनट की चुसाई में सुमन की चूवती ने बिस्तर गीला कर दिया और हाम्फने लगी जैसे 2 घंटे से चुद रही हो।


मैं सुमन के बगल में लेट गया और उसके चूचियों से खेलने लगा.


सुमन उठी और मेरे मुंह पे चूवती दे कर बैठ गई, चूवती को मेरे मुंह पे रगड़ने लगी जैसे कि वो मेरे मुंह को चोद रही हो।


कभी चूवती में मुंह डलवाती, कभी नाक डलवाती.


15 मिनट तक वो ऐसे ही चूवती रगड़ती रही।


उसने मुझे मुंह खोलने को बोला.


जैसे ही मैंने मुंह खोला, उसने चुत को मेरे मुंह में लगा अपना पानी छोड़ने लगी जिससे मेरा मुंह भर गया।


मैं सुमन का सारा माल पी गया।


अब सुमन बेसुध होकर सो गई, उसका काम हो गया था।


20 मिनट आराम करने के बाद सुमन उठ कर मेरे लन्ड को मुंह में ले कर चूसने लगी, मेरा लन्ड खड़ा किया।


मैंने सुमन को अपनी जींस से कॉन्डम निकाल कर दिया.


इससे वो हंसने लगी और बोली- पूरी तैयारी करके आए हो लेकिन इसकी जरूरत नही है।


सुमन अपने चूवती को मेरे लन्ड पे सेट कर के बैठ गई, धीरे धीरे हिलने लगी।


अब सुमन बहुत कामुक भाव दिखा रही थी. वो बीच बीच में झुक कर मुझे किस करती, अपने चूचे चुसवाती।


दस मिनट तक हिलने के बाद सुमन की चूवती ने पानी छोड़ दिया,जिससे चूवती पूरी गीली हो कर चिकनी हो गई।


अब सुमन लमण्ड पे स्पीड में कूदने लगी, सुमन चुवदावई में माहिर खिलाड़ी थी।


वो उछलते समय लमण्ड के टोपे तक चूवती को उठा लेती थी फ़िर तेज़ी से बैठ के पूरा लमण्ड निगल जाती थी।


मुझे बहुत मजा आ रहा था.


करीब 20 मिनट तक मेरे ऊपर आ कर चुवदावई करने के बाद सुमन 2 बार झड़ चुकी थी।


अब सुमन थक गई थी तो मेरे बगल में लेट गई, मेरा अभी नहीं हुआ था।


सुमन अब पूरी तरह संतुष्ट हो गई थी, उसे अब नींद आ रही थी।


मैंने सुमन को किस करना शुरू किया, उसके ऊपर आ कर लमण्ड को चूवती में घुसा दिया और तेज धक्के लगाने लगा।


लमण्ड और चूवती से फच फच और चट चट की आवाज़, बिस्तर की चर चर की आवाज!


और सुमन की आह आह … उह उह … इह उह की आवाज़ सुनकर मैं और स्पीड में चोदने लगा।


सुमन ने मुझे अपने पैरों से जकड़ लिया, कस कर गले से लिपट गई।


इस बार मैं और सुमन साथ में झड़ गए।


अब हम दोनों को नींद आने लगी थी, हम दोनों नंगे ही सो गए।


सुबह मेरी देर से नींद खुली मैंने देखा कि सुमन फ्रेश हो कर नाश्ता बना रही है।


मैंने पीछे से किस किया वो मुस्कुराने लगी.


तो मैंने उससे पूछा- मुझे घर जाने के लिए उठाया क्यूं नहीं?


मुझे सुमन ने याद दिलाया कि उसने मेरी शर्ट फाड़ दी हैं, और मैं बाहर नहीं जा सकता हूं।


सुमन ने मुझे फ्रेश होने के लिए बोला और वो किचन में व्यस्त हो गई।


मैं और सुमन साथ में नाश्ता कर रहे थे तो उसने मुझे अपने साथ रुकने की बात बोली।


मुझे भी सुमन का साथ अच्छा लगा तो मैंने काम का बहाना बना कर घर पर बोल दिया कि कुछ दिन के लिए बाहर ही रहूंगा।


सुमन यह सुनते ही खुशी से मुझे किस करने लगी.


मैंने उसका सलवार फाड़ कर उसे नंगी कर दीया और उससे बोला- जब तक मैं उसके साथ हूं, हम दोनों नंगे रहेंगे, कोई कपड़ा नहीं पहनेगा।


सुमन इस बात के लिए तैयार हो गई।


अब सुमन को मैंने कुतिया बनने को बोला.


वो झट से कुतिया बन गई.


मैंने थूक से सुमन की चूवती को गीला किया, फ़िर एक झटके में लन्ड को चूवती में उतार दिया.


मैंने उसके बाल पकड़े और सटासट धक्के मारने लगा.


सुमन 5 मिनट में झड़ गई लेकिन मैं बिना रुके पेलता रहा।


20 मिनट पेलने के बाद मैं चूवती में ही झड़ गया और सुमन के ऊपर लेट गया।


दोपहर में हम दोनों नंगे लेटे हुए थे.


मैंने सुमन की गांवड को मसलना, सहलाना शुरू किया।


सुमन मेरी नियत समझ गई और मेरे हाथ को अपने चूवती पे रखवा दिया।


सुमन से मैंने गांवड मारने की बात बोली तो उसने बाद का बोल कर टाल दिया.


मैंने भी समझते हुए उसकी बात को मान लिया।


सुमन और मुझे बॉडी मसाज लेना पसंद था, तो हमने एक दूसरे की मालिश करने का फैसला किया।


मैं सुमन को बिस्तर पे लिटा के तेल ले आया.


सुमन आंखें बंद कर के लेटी हुई थी।


मैंने उसकी पीठ से गांवड तक तेल गिरा दिया और मालिश करना शुरू किया.


बहुत देर तक मैंने उसकी पीठ की मालिश की।


उसके बाद मैं गांवड की मालिश करने लगा, उसके नंगे चूवतीड़ों को को मसल मसल कर मैं मालिश कर रहा था।


मैंने उसकी गांवड के छेद पे बहुत सारा तेल गिरा कर मालिश करने लगा तो सुमन ने कहा- मैं कितनी भी मेहनत कर लूं, फल नहीं मिलेगा।


ये सुनते ही मैंने सुमन की गांवड में एक उंगली घुसा दी.


वो चिहुंक गई, पीछे मुड़ कर मुझे घूरने लगी।


मैंने सुमन से आगे घूमने को बोला और उसकी चूची से लेकर चूवती तक तेल गिरा दिया.


उसकी चूचियों को मसल मसल कर मैंने मालिश की।


सुमन आंख बंद कर के मालिश का मजा ले रही थी.


मैंने 1 घंटे तक सुमन की मालिश की।


उसके बाद भी सुमन ने थोड़ी देर और करने को कहा.


मैंने कुछ देर तक मालिश की, सुमन को बहुत आराम मिल रहा था, उसे नींद आने लगी तो वो सो गई।


मैंने मोबाइल में थोड़ा टाइम पास किया और मैं भी सो गया।


शाम में मैं सोकर उठा तो देखा कि सुमन किचन में चाय और पकोड़े बना रही थी.


मैंने पीछे से जा कर उसे पकड़ लिया, उसकी चूचियों को दबाने लगा, चूवती में उंगली करने लगा।


सुमन के पैरों को फैला कर मैंने उसे झुका दिया और अपना लन्ड उसकी चूवती में पेल दिया।


वो मजे लेकर चुदने लगी।


10 मिनट चोदने के बाद मेरा माल उसकी चूवती में गिरा दिया मैंने!


उसके बाद हम दोनों ने नाश्ता किया, अपने अपने चुवदावई के किस्से एक दूसरे को बताने लगे।


रात में हम लोगों ने 2 बार चुवदावई की और सो गए।


अगले दिन सुमन ने मुझे मालिश करने के लिए लेटा दिया और तेल लगा कर मेरी मालिश करने लगी।


सुमन मालिश करते हुए मेरे बॉडी से अपने बॉडी को रगड़ के मालिश करने लगी, मेरे पीठ पे वो चूची से तेल लगाने लगी।


मेरी गांवड पे तेल लगाते हुए उसने अपने चूवती को मेरी गांवड में रगड़ने लगी.


इससे उसकी चूवती ने पानी छोड़ दिया।


उसकी मालिश से मुझे चरम आनंद की प्राप्ति हुई।


उसके बाद हम दोनों ने एक साथ एक दूसरे को नहलाया, पूरे बदन पर साबुन लगा कर एक दूसरे को साफ किया।


मैं सुमन के साथ 1 महीना उसके घर पे रहा. हम दोनों ने कभी भी कपड़ा नहीं पहना था, हमेशा नंगे ही रहते थे.


मैंने रोज़ 4 से 5 बार उसकी चुवदावई की।


उसके बाद सुमन अपने मां के घर चली गई अपने बच्चों के पास!


वापस आने के बाद सुमन के साथ मैं फ़िर से रहने चला गया, इस बार मैंने गांवड मारी.


वो कहानी कभी और बताऊंगा।