मेरी सगी बीवी के

 चीटिंग वाइफ सेमक्ष कहानी मेरी अपनी है. मैं काम से बाहर गया तो मेरी बीवी ने पराये मर्दों से चक्कर चला दिया। मैंने कैसे अपनी बीवी के यारों का पता लगाया?




मेरा नाम राज तरुण है। मैं वर्धा में रहता हूँ। मेरी उम्र 32 साल है और मैं शादीशुदा हूं।




मेरी फैमिली मध्यप्रदेश में रहती है।




यहां पर मेरा मोबाइल टावर लगाने का बिजनेस है जिस कारण मुझे ज्यादातर बिज़नेस टूर पर 10 से 15 दिन के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है।




मेरी शादी 4 साल पहले मध्यप्रदेश में हुई है। मेरी बीबी करुणा की उम्र 28 साल है। करुणा देखने में बहुत ख़ूबसूरत है।




उसके शरीर की बात करूं तो उसका गोरा बदन है और 5.7 फिट की हाइट है। फिगर 36-32-38 है। करुणा को मैंने शादी वाले दिन ही देखा तो मैं अपने आप को बड़ा भाग्यशाली समझ रहा था।




शादी से पहले उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था।




उसकी लाइफ की पहली चुवदावई मैंने ही की थी।




शादी के तुरंत बाद मैं करुणा को लेकर अपने शहर आ गया।




शहर में मैंने अपना खुद का मकान बना लिया है।




शादी के बाद यहां आने पर मैंने अपने दोस्तों को एक पार्टी दी थी। पार्टी में मेरे सारे दोस्त करुणा की खूबसूरती की तारीफ करते नहीं थक रहे थे।




सभी बोल रहे थे कि इस ठरकी को इतनी खूबसूरत बीबी कैसे मिल गई।




मेरा एक सबसे करीब और पुराना दोस्त है मनीष।




वो देखने में एक हैण्डसम लड़का है।




मनीष पीडब्लूडी विभाग में इंजीनियर है। उसकी एक ही कमजोरी है और वह है औरत।




वो हर दो तीन महीने में एक नई लड़की पटाकर चोदता है।




वह भी शादीशुदा है।




मेरी शादी से दो महीने पहले भी मैंने और मैंने मनीष ने कई बार एक साथ लड़की की चुवदावई थी।




मगर मेरी शादी के बाद मेरा और मनीष का मिलना जुलना न के बराबर हो गया।




अब हम दोनों की बस फोन पर ही बात होती थी।




आपको बता दूं कि मेरी और करुणा की सेमक्ष लाइफ बहुत अच्छी चल रही है।




मैं जब भी घर पर रहता हूँ तो दिन में दो या तीन बार अपनी बीवी की चुवदावई जमकर करता हूँ।




हम दोनों एक दूसरे का बहुत ख्याल रखते हैं।




इन 4 सालो में मैंने करुणा को चोद चोदकर एक चुदक्कड़ माल बना दिया है।




हमारे मौहल्ले के सारे लड़के करुणा को चोदने के लिए चक्कर लगाते रहते हैं।




मगर करुणा ने किसी को भी घास नहीं डाली।




करुणा घर पर बोर होती थी इसलिए मैंने उसके लिए हमारे मौहल्ले में ही गारमेंट्स का एक शोरूम खुलवा दिया था।




वो उसी पर रहकर अपना टाइमपास करती है।




अब मैं वो घटना बताने जा रहा हूं जिसके लिए मैंने ये चीटिंग वाइफ सेमक्ष कहानी लिखी है।




ये घटना सितम्बर 2019 की है। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है।




मेरे साथ घटी यह सत्य घटना है जब मैं काम के कारण 15 दिन के टूर पर जाने वाला था।




जाने से पहले मैंने करुणा को नया मोबाइल गिफ्ट दिया था।




साथ ही मैंने अपनी मेल आईडी से उसके लिए एक नया फेसबुक अकाउंट भी बनाकर दिया था।




जब मैं टूर पर था तो एक मैंने ऐसे ही करुणा की फेसबुक आईडी खोली।




मैं उसके अकाउंट में मैसेज देखने लगा तो मेरे पैरों तले से ज़मीन खिसक गई।




मेरी बीवी का अफेयर दो लोगों से चल रहा था।




मैं हैरान था कि दस दिनों में करुणा ने 2 बॉयफ्रेंड बना लिए थे।




पहला लड़का था मेरा दोस्त मनीष … जिसके साथ करुणा की कुछ सेमक्ष चैट भी थी।




दूसरा लड़का था राहुल … जो कि एक अनजान था और जो किसी दूसरे शहर का रहने वाला था।




राहुल ने करुणा को 4 महीने पहले उसके शोरूम में देखा था और उसने अपने दोस्त की मदद से उसका नाम पता कर लिया था।




मैंने करुणा से इस बारे में बात करना ठीक नहीं समझा और अपना काम खत्म करके घर आ गया।




घर आने पर करुणा ने मुझे देखकर गले से लगा लिया।




वो बोली- जानू … आपको बहुत मिस किया। मेरा चुवदावई का बड़ा मन कर रहा है।




मैंने कहा- जान … मैं तेरी सारी प्यास बुझा दूंगा।




हम दोनों में थोड़ी देर बातें हुईं।




मैं फ्रेश हुआ और चाय पानी पीने के बाद करुणा शोरूम पर चली गई।




उसके जाने के बाद मैंने उसकी आईडी को खोलकर देखा तो उसमें कल सुबह की चैट थी जो कुछ ऐसे थी:




करुणा- बाबू … आज मैं आपसे मिलना चाहती हूं। कल मेरे हस्बैंड आने वाले हैं।




मनीष- ठीक है रात को मिलते हैं। मैं तुम्हें होटल का पता भेज दूंगा।




करुणा- ओके।




फिर शाम का मैसेज आया हुआ था।




मनीष- डार्लिंग, कैसी लगी आज की चुवदावई?




करुणा- मजा आ गया बाबू … चार साल से ऐसी चुवदावई नहीं हुई थी मेरी! मगर वो सम्राट होटल का मैनेजर ब़ड़ा कमीना था। मुझे कैसे घूर रहा था!




मैं समझ गया कि इन दोनों ने सम्राट होटल के ओयो में चुवदावई की है।




रात में जब मैंने करुणा की चुवदावई की तो आधा घंटे तक चोदने के बाद भी मुझे लगा कि करुणा को मेरे से चुवदावई में उतना मज़ा नहीं आ रहा था जितना पहले मजा करती थी।




दूसरे दिन मैंने बातों ही बातों में करुणा को बताया कि होटलों में लड़के लड़कियां चुवदावई करने जाते हैं तो पुलिस की रेड पड़ती है वहां! पुलिस वाले लड़कियों को बहुत तंग करते हैं, घरवालों को बुलाकर परेड करवाते हैं … फिर भी आजकल रंडियां होटल में चुदने चली जाती हैं।




ये सब कहने का असर भी हुआ उस पर!




दो दिन बाद जब मनीष का मैसेज आया कि चुवदावई के लिए चलते हैं तो करुणा ने होटल में जाने से मना कर दिया।




वो कहीं दूसरी जगह रूम अरेंज करने की कहने लगी।




उन दोनों ने शास्त्री चौक जाने का प्लान किया।




मैंने भी कुछ काम का बहाना किया और उनसे पहले मैं शास्त्री चौक पहुंच गया।




मैंने उनके मैसेज में सब पढ़ लिया था।




मैं पहले से जाकर एक चाय की छपरी में बैठ गया।




कुछ देर बाद करुणा आई।




वो अपनी स्कूटी पर थी।




उसने सफ़ेद लैगी पहनी थी और उसकी लैगी में उभरी गांवड को हर तरह का मर्द ताड़ रहा था।




वो बहुत सेमक्षी लग रही थी उसमें!




उसने स्लीवलेस ब्लू कलर टॉप पहना था और हल्का मेकअप किया हुआ था।




गुलाबी लिपस्टिक में वो पूरी रंडी ही लग रही थी।




इतने में ही मनीष की कार आकर रुकी।




करुणा उसमें बैठ गई और ये लोग निकल गए।




मैंने भी अपनी बाइक पीछे लगा दी।




15-20 मिनट चलने के बाद ये एक रेस्टोरेंट के सामने रुके।




मैं बाहर ही इंतजार करने लगा।




फिर 15 मिनट के बाद ये दोनों बाहर आए और इनके हाथ में कोल्ड ड्रिंक वगैरह थे।




उसके बाद ये शहर से बाहर के रास्ते पर निकल लिये।




गाड़ी एक बड़े प्लॉट पर पहुंची जहां ग्रुप हाउसिंग फ्लैट थे।




यहां पहले मैं भी आ चुका था। यहां मनीष का दोस्त उमेश रहता था और मैं भी उसके यहां मनीष के साथ एक लड़की को चोद चुका था।




वो दोनों अंदर गए और कुछ देर के बाद उमेश अपने फ्लैट के बाहर आता दिखा।




वो पास में चाय की एक दुकान पर बैठ गया।




मैं भी उसके पास पहुंच गया तो उसने मुझे पहचान लिया।




उमेश बोला- राज भाई … आप कैसे?




वो अपनी घबराहट को छुपाने की कोशिश कर रहा था।




मैंने कहा- मैं तो यहां पर एक मोबाइल टावर की साइट देखने आया था। चल तेरे घर पर चलकर बैठते हैं।




वो बोला- राज भाई, मेरे फ्लैट की चाबी मेरे पास नहीं है। मेरे कुछ गेस्ट आए थे तो वो साथ लेकर गए हैं।




मैंने कहा- मुझे मत पागल बना तू, सच बता क्या बात है?




फिर उसने उगल दिया और बोला- मनीष एक मस्त माल लेकर आया है।




मैं बोला- मगर माल तो वो पहले भी लाता था और तेरे को भी दिलाता था। फिर आज बाहर क्यों भेज दिया उसने तुझे?




उमेश- मैंने उससे कहा था मगर वो कहने लगा कि ये नहीं मान रही है, रांड नहीं है ये, किसी अच्छे घर की है। इसलिए उसने मुझे बाहर कर दिया।




अब मेरा मन भी अपनी बीवी को चुदते हुए देखने का कर रहा था।




मैंने उमेश से कहा- यार तू बस चुवदावई देखने का जुगाड़ कर दे। मैं देखता हूं कि वो कैसे नहीं मानती है।




हम दोनों उसके घर में पीछे की दीवार फांदकर चले गए।




उसके फ्लैट में पीछे की ओर बेडरूम था और उसका एक दरवाजा पीछे भी था।




उसमें हरामी ने पहले से छेद किया हुआ था।




हम उसमें से साफ देख सकते थे।




अंदर का नजारा बहुत कामुक था।




मनीष पूरा नंगा होकर खड़ा था और करुणा पूरी नंगी होकर घुटनों के बल बैठी उसका लमण्ड चूस रही थी।




देखकर मेरा लमण्ड भी खड़ा हो गया।




फिर मनीष से मेरी बीवी का सिर पकड़ा और पूरा लमण्ड उसके गले तक घुसा दिया।




करुणा को खांसी आ गई और उसने लमण्ड को बाहर निकाल दिया।




पूरा लमण्ड उसकी लार में गीला हो गया था।




वो बोला- कैसा लगा जान?




करुणा हांफती हुई- मजा आ गया।




मनीष ने दोबारा से उसके मुंह में लमण्ड दे दिया और करुणा जोर जोर से उसको चूसने लगी।




फिर उसने मेरी बीवी को घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी चूवती में लमण्ड देकर पेलने लगा।




करुणा मस्ती में चुदने लगी और मुंह से कामुक आवाजें भी कर रही थी- आह्ह … और चोदो … आह्ह और जोर से मनीष … आह्ह … फाड़ दो … भींच भींच के चोदो मुझे … अपने बच्चे की मां बना दो।




मनीष भी उसको गाली देते हुए चोद रहा था- हां मेरी रांड … तेरी चूवती को फाड़ दूंगा मैं … आह्ह … इतना चोदूंगा कि मेरा बच्चा आज ही बाहर निकल आएगा मेरी रंडी।




इस तरह से लगभग 15 मिनट मेरे दोस्त ने मेरी बीवी को पेला और फिर उसकी चूवती में झड़कर वो रुक गया।




फिर दोनों बेड पर एक दूसरे को बांहों में लेकर लेट गए।




उमेश ने कहा- राज भाई … मुझे भी इसकी चूवती चाहिए है। नहीं मानी तो मैं इसके पति को कॉल करके बताऊंगा। तुम इसके पति के कॉल की एक्टिंग कर लेना मगर मनीष को कुछ पता नहीं लगना चाहिए।




ये बोलकर उमेश मेन दरवाजे की तरफ जाकर दरवाजा खटखटाने लगा।




मनीष- भाई थोड़ी देर के बाद आना।




उमेश- नहीं मुझे अभी अंदर आना है, कुछ काम है।




इतने में करूणा ने बेडशीट अपने नंगे बदन पर ढक ली।




मनीष ने टॉवल लपेटकर दरवाजा खोला तो उमेश सीधा अंदर आकर बोला- मनीष भाई … इस रांड को मुझे भी चोदना है।




मनीष बोला- भाई ये रण्डी नहीं है, ये मेरी गर्लफ्रेण्ड है।




उमेश बोला- जो भी हो … मुझे भी चोदनी है ये! इससे पहले भी इस रूम पर आई लड़की दोनों से चुदी है, तो इसको भी मिलकर ही चोदेंगे।




उमेश ने कई बार कहा मगर मनीष राजी नहीं हुआ।




फिर उमेश ने फोन निकाल कर कहा कि मैं इसके पति को कॉल कर रहा हूं।




इससे वो दोनों घबरा गए और करुणा ने मनीष को इशारों में आँखों से हां कर दिया।




फटाक से उमेश ने दरवाजा बंद किया और नंगा होकर उनके पास बेड पर कूद पड़ा।




वो करुणा को किस करने लगा और दोनों चूचियों को दबाने लगा।




करुणा भी उसके लमण्ड से खेलने लगी।




चूमत चूमते वो नीचे आ गया और उसकी दोनों टांगों को खोलकर चूवती में सिर लगा लिया।




इससे वो मचल उठी और दोनों हाथों से उमेश का सिर अपनी चूवती में दबा दिया।




मेरा लमण्ड भी फिर से खड़ा हो गया।




इतने में मनीष ने करुणा के मुंह में लण्ड डाल दिया और आगे पीछे करने लगा।




करुणा भी मज़े से मनीष के लण्ड को चूसने लगी और मुंह से तरह तरह की आवाजें निकालने लगी।




5 मिनट तक चूवती को चूसने के बाद उमेश ने करुणा की चूवती में लमण्ड डाल दिया।




करुणा अचानक हुए लमण्ड के प्रहार से चीख उठी और मनीष के लमण्ड को मुंह से निकाल दिया और जोर जोर से चीखने लगी- मर गयी … धीरे धीरे चोदो … आह्ह … बहुत दर्द हो रहा है।




मगर उमेश पर कोई असर नहीं हुआ और वो लगातार उसकी चूवती चोदता गया।




इधर मनीष कभी उसकी चूचियों को पी रहा था तो कभी उसके मुंह में लमण्ड दे रहा था।




5 मिनट बाद करुणा को भी मजा आने लगा और वो मजे में चिल्लाने लगी।




दस मिनट की चुवदावई के बाद उमेश उसकी चूवती में ही खाली हो गया।




वो थक कर एक तरफ गिर गया।




उसके हटने के बाद मैंने देखा कि मेरी बीवी की चूवती उमेश के वीर्य से भर गई थी।




मनीष का लमण्ड फिर से खड़ा होकर चोदने के लिए रेडी हो गया तो मनीष करुणा के पास गया।




करुणा मना करने लगी और बोली- प्लीज मनीष … मैं थक गई हूँ। मेरी चूवती दुखने लगी है।




अब मनीष ने करुणा को उल्टा कर दिया और उसकी कमर को पकड़ कर उठा दिया।




वो घोड़ी बन गई तो मनीष ने करुणा की गांवड पर लमण्ड को सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा।




उसका आधा लमण्ड मेरी बीवी की गांवड में जा चुका था।




करुणा चीख मारकर रोने लगी और लगातार छोड़ने के लिए कहने लगी।




मगर वो रुक कर उसकी चूचियों को दबाने लगा तो वो थोड़ी शांत हो गई।




फिर उसने उसकी चूचियों को सहलाते हुए धीरे धीरे उसकी गांवड में लमण्ड को हल्का हल्का सरकाना शुरू किया।




दोस्तो, करुणा की गांवड मैंने भी कई बार मारने की कोशिश की थी लेकिन मैं उसकी गांवड में डाल नहीं पाता था क्योंकि वो बहुत ज्यादा रोने लग जाती थी।




मगर आज मनीष ने उसकी गांवड में लमण्ड डाल दिया था।




अब वो उसको चोदने लगा।




थोड़ी देर बाद करुणा का दर्द आहों में बदल गया; वो मजा लेकर गांवड चुदवाने लगी।




दस मिनट तक मनीष ने उसकी गांवड को चोवदा और फिर उसी में खाली हो गया।




ये देखकर की मेरी बीवी की गांवड में पराये मर्द का माल गिरा है, मेरा वीर्य भी निकल गया।




मैं चीटिंग वाइफ सेमक्ष देखने के बाद चुपके से वहां से बाहर आ गया।




मैंने बाइक उठायी और सीधा घर आ चला आया।




एक घंटे के बाद मनीषा घर लौटी; वो चलते हुए लंगड़ा रही थी।




मैंने पूछा- क्या हुआ?




तो कहने लगी- मेरी तबियत खराब है और मैं आराम करना चाहती हूँ।




फिर दो दिन तक वो घर में ही आराम करती रही और तीसरे दिन शोरूम पर गई।




उसके बाद मैं लगातार मैसेज चेक करता रहा।




मनीष और करुणा की बात तो होती थी लेकिन वो दोनों अभी चुवदावई का प्लान नहीं कर रहे थे।




इसी बीच एक दिन मुझे उसकी आईडी में राहुल से हुई चैट दिखी।




राहुल ने लिखा था कि वो हमारे शहर आ रहा है।




करुणा ने भी कह दिया था कि वो मिलने के लिए तैयार है।




उन दोनों ने बिग बाजार के पास मिलने का प्लान किया था।




तय दिन मैं भी उनका पीछा करने के लिए रेडी था।




मैंने राहुल को नहीं देखा था क्योंकि उसने अपनी कोई फोटो नहीं लगाई हुई थी आईडी पर भी।




मैं देखना चाहता था कि राहुल कौन है और कैसा दिखता है।




तो मैं पहले से ही उनके तय स्थान के पास पहुंच गया था।




कुछ देर बाद करुणा ऑटो लेकर वहां पहुंची।




जब वो उतरी तो देखा उसने ब्लैक टॉप और जीन्स पहनी थी।




उसने उतरकर फोन से कॉल लगाया और फिर काट दिया।




थोड़ी देर के बाद महंगी कार वहां आकर रुकी।




मैं अच्छी तरह तो नहीं देख पाया लेकिन लड़का दूर से काफी हैंडसम दिख रहा था।




उसने आगे वाला दरवाजा खोला और करुणा फटाक से कार में बैठी और वो दोनों निकल गए।




उनके पीछे पीछे मैं बाइक से हो लिया।




दस मिनट के बाद गाड़ी एक होटल के आगे रुकी। दोनों कार से उतरे और अंदर चले गए।




15 मिनट के बाद मैं भी होटल के अंदर गया।




मैंने यहां वहां पहले देखा तो उन दोनों में से कोई नहीं था।




एक पतला सा लड़का वहां बैठा था।




मैंने उससे एक तरफ ले जाकर पूछा कि अभी 10 मिनट पहले जो कस्टमर आए हैं वो कौन हैं?




वो बोला- साहब हम ऐसे किसी के बारे में नहीं बता सकते। हमें परमिशन नहीं है।




मैं जेब से दो 500 के नोट निकाले और चुपके से उसकी पैंट की जेब में घुसा दिए।




वो बोला- साहब … इनकी ऑनलाइन बुकिंग हुई है। मुझे नाम तो नहीं पता लेकिन ये जो लेडी है ये इस अमीर लड़के के साथ पहले भी एक बार आ चुकी है और एक बार किसी दूसरे के साथ आई थी।




उस लड़के से मैंने कहा- ठीक है, मैं तुझे अपना नम्बर देकर जा रहा हूं। जब ये यहां आए तो मुझे बताना। तेरी जेब की जिम्मेदारी मेरी है। चिंता मत करना। बस खबर देते रहना।




फिर मैं उस होटल से निकल आया।




क्योंकि मेरे पास राहुल और करुणा की चुवदावई देखने का कोई रास्ता नहीं था।